भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों के निराकरण के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी सभी मांगों पर विचार करेगी और एक माह के भीतर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

शुक्रवार को सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सरकार सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। उनकी जायज मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके योगदान से ही शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलती है। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक कमेटी बनाकर सभी मांगों पर विचार किया जाएगा और एक माह में उनके निराकरण के लिए प्रयास किए जाएंगे।

हड़ताल खत्म होते ही मैदान में उतरे सफाई कर्मचारी, 10 नंबर मार्केट में चला सफाई अभियान

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारी संघ ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। हड़ताल खत्म होने के बाद राजधानी में सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में तत्काल गतिविधियां शुरू की गईं। इसी क्रम में भोपाल के 10 नंबर मार्केट क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। सफाई कर्मचारियों ने अभियान में हिस्सा लेकर बाजार क्षेत्र की साफ-सफाई की और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम शुरू किया।

हड़ताल समाप्त होने से नगर निगम प्रशासन को भी राहत मिली है। शहर में प्रभावित हुई सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए अब अभियान चलाकर विभिन्न क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी। विशेष रूप से बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर रहेगा।

इस अवसर पर भोपाल महापौर मालती राय, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और एक माह में मांगों के निराकरण के आश्वासन के बाद कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होना राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजरें गठित होने वाली कमेटी और उसके माध्यम से सफाई कर्मचारियों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर रहेंगी।