नई दिल्ली/दतिया। दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त किए जाने का फैसला बरकरार रहने का रास्ता साफ हो गया है और दतिया विधानसभा उपचुनाव पर लगी कानूनी अनिश्चितता भी खत्म हो गई है। गौरतलब है कि 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष अदालत ने वर्ष 1998 के दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) तथा जालसाजी से संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया था। इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। मामला दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की एक एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) में कथित हेराफेरी से जुड़ा था। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में फेरबदल कर एफडी की अवधि बढ़ाई गई और उस आधार पर ब्याज राशि प्राप्त की गई। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष और संबंधित संस्थान के ट्रस्टी थे। उन पर पद और अधिकारों के दुरुपयोग का भी आरोप लगा था। सजा सुनाए जाने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी और दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अब हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद राजेंद्र भारती की अयोग्यता फिलहाल बरकरार रहेगी। वहीं, दतिया विधानसभा उपचुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा।
राजेंद्र भारती को हाईकोर्ट से राहत नहीं
सजा बरकार,उपचुनाव पर कानूनी अनिश्चितताएं खत्म
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