मध्यप्रदेश के प्रमुख रेल मार्ग भोपाल से खजुराहो और खजुराहो से भोपाल के बीच चलने वाली ट्रेनों में इन दिनों यात्रियों को एक नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महामना एक्सप्रेस सहित इस रूट की ट्रेनों में किन्नरों के एक समूह द्वारा जबरन पैसे वसूलने और अभद्र व्यवहार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यात्रियों का कहना है कि यह समस्या अब इतनी बढ़ गई है कि लोग डर और असहजता के बीच यात्रा करने को मजबूर हैं।
यात्रियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन किसी स्टेशन से आगे बढ़ती है, कुछ किन्नर समूह के रूप में डिब्बों में प्रवेश करते हैं और एक-एक यात्री के पास जाकर पैसे मांगना शुरू कर देते हैं। शुरुआत में इसे सामान्य मांग समझा जाता है, लेकिन जब कोई यात्री पैसे देने से मना करता है, तो स्थिति बिगड़ने लगती है। कई मामलों में यात्रियों के साथ बदसलूकी की जाती है, अपमानजनक शब्दों का प्रयोग होता है और मानसिक दबाव बनाकर पैसे वसूले जाते हैं।
भोपाल से खजुराहो जाने वाली ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि “हम परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। अचानक 4-5 किन्नर हमारे कोच में आए और पैसे मांगने लगे। जब हमने मना किया तो उन्होंने ऊंची आवाज में बोलना शुरू कर दिया और माहौल असहज कर दिया। आखिरकार हमें मजबूरी में पैसे देने पड़े।” इसी तरह खजुराहो से भोपाल लौटने वाले कई यात्रियों ने भी ऐसे ही अनुभव साझा किए हैं।
इस तरह की घटनाएं खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए ज्यादा परेशानी का कारण बन रही हैं। कई यात्री विवाद से बचने के लिए चुपचाप पैसे दे देते हैं, जबकि कुछ लोग विरोध करते हैं तो उन्हें अपमान और डर का सामना करना पड़ता है। इससे ट्रेन का माहौल तनावपूर्ण हो जाता है और यात्रा का अनुभव खराब हो जाता है।
सबसे बड़ा सवाल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की भूमिका को लेकर उठ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि इस तरह की घटनाओं के दौरान RPF या तो मौके पर मौजूद नहीं होती या फिर कोई सख्त कार्रवाई नहीं करती। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, जिससे ऐसे लोगों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक नजर आती है। यदि भोपाल-खजुराहो जैसे महत्वपूर्ण रूट पर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, तो यह न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि रेलवे की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे को सख्त कदम उठाने होंगे। कोचों में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगानी होगी और नियमित रूप से सुरक्षा जांच को मजबूत करना होगा। साथ ही, RPF को सक्रिय रूप से गश्त करनी चाहिए और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके अलावा, यात्रियों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। यदि किसी के साथ इस तरह की घटना होती है, तो उसे तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या RPF हेल्पलाइन 182 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इससे न केवल तत्काल मदद मिल सकती है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
सामाजिक दृष्टि से यह विषय संवेदनशील है। किन्नर समुदाय समाज का एक अभिन्न हिस्सा है और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। लेकिन यदि कुछ लोग इस पहचान का दुरुपयोग कर कानून व्यवस्था को चुनौती देते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना जरूरी है। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पूरे समुदाय की छवि भी सुरक्षित रहेगी।
भोपाल से खजुराहो और खजुराहो से भोपाल के बीच चलने वाली ट्रेनों में बढ़ती यह समस्या रेलवे प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यात्रियों का भरोसा रेलवे से उठ सकता है। अब जरूरत है सख्त कार्रवाई और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की, ताकि हर यात्री सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव कर सके।
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