भोपाल।कायस्थ समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष विश्वास कैलाश सारंग द्वारा अपने पूज्य माता-पिता, स्वर्गीय बाबूजी कैलाश सारंग एवं माताजी की पुण्यतिथि को 'मातृ-पितृ दिवस' के रूप में मनाने का लिया गया निर्णय एक जन-आंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया। भोपाल सहित देशभर में अखिल भारतीय कायस्थ समाज तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने श्रद्धा, सेवा और संस्कार से जुड़े अनेक कार्यक्रम आयोजित कर माता-पिता एवं वृद्धजनों के प्रति सम्मान की भावना को नई ऊंचाई दी।
राजधानी भोपाल में ही लगभग सैकड़ों स्थानों पर वृद्धजनों की पूजा-अर्चना, आरती, शाल-श्रीफल से सम्मान, रक्तदान शिविर, शरबत वितरण, भोजन एवं आवश्यक सामग्री वितरण, मिठाई वितरण सहित अनेक सेवा कार्य आयोजित किए गए। इन आयोजनों में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता रही, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक मूल्यों को सशक्त करने का संदेश दिया।
कार्यक्रमों के दौरान कई स्थानों पर ऐसे भावुक दृश्य देखने को मिले, जब सम्मान प्राप्त कर रहे वृद्धजनों की आंखें नम हो गईं और सेवा कर रहे स्वयंसेवकों के चेहरों पर आत्मीय संतोष झलक रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सेवा करने वाले और सेवा प्राप्त करने वाले दोनों के हृदय एक ही भाव से जुड़े हों। उपस्थित लोगों ने इन क्षणों को जीवन की अमूल्य अनुभूति बताया।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि स्वर्गीय बाबूजी कैलाश सारंग एवं माताजी के आदर्शों से प्रेरित यह अभियान आने वाली पीढ़ियों में माता-पिता के प्रति श्रद्धा, वृद्धजनों के प्रति सम्मान और सेवा के संस्कारों को और अधिक मजबूत करेगा। लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि जहाँ कहीं भी ऐसी सेवा और समर्पण की भावना दिखाई देती होगी, वहाँ स्वर्गीय कैलाश सारंग एवं माताजी भी अपने अनुयायियों के इन भावों को देखकर भाव-विभोर होकर अपना आशीर्वाद प्रदान कर रहे होंगे। मातृ-पितृ दिवस का यह आयोजन समाज में संवेदनशीलता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बन गया है।
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