भोपाल। भारतीय जनता पार्टी पद दे सकती है, पदाधिकारी बना सकती है और जनप्रतिनिधि भी बना सकती है, लेकिन नेता हमेशा जनता बनाती है। इसलिए किसी भी पद पर रहते हुए कार्यकर्ता की कार्यपद्धति ऐसी होनी चाहिए, जिससे जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता लगातार बढ़े। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने व्यक्तित्व, विचारों और कार्यशैली से ऐसी ही जनस्वीकार्यता हासिल की थी। यह बात मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी में अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आयोजित प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम में अटल जी की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल भाजपा के ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनकी जीवन यात्रा, कृतित्व, व्यक्तित्व और कार्य करने की शैली आज भी राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए आदर्श है। उन्होंने कहा कि अटल जी जिस पद पर रहे, उन्होंने उस पद की प्रतिष्ठा बढ़ाई। सामान्य तौर पर पद मिलने से व्यक्ति की प्रतिष्ठा बढ़ती है, लेकिन अटल जी ऐसे व्यक्तित्व थे जिनके कारण पद की प्रतिष्ठा बढ़ती थी।
अटल जी की कार्यशैली से सीख लेने की जरूरत
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी संगठन और विचार के प्रति पूरी तरह समर्पित और दृढ़ संकल्पित थे। भाजपा के शुरुआती दौर में पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन अटल जी न रुके और न झुके। उन्होंने पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ते हुए कार्यकर्ताओं को भी आगे बढ़ाया। उनके संघर्ष और कार्यशैली की बुनियाद पर आज भारतीय जनता पार्टी देशभर में मजबूत संगठन के रूप में खड़ी है।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अटल बिहारी वाजपेयी या देश का प्रधानमंत्री नहीं बन सकता, लेकिन उनके जीवन और विचारों को पढ़कर, समझकर तथा उनके बताए रास्ते पर चलकर एक अच्छा कार्यकर्ता जरूर बन सकता है। कार्यकर्ताओं को अपने पद और कद की चिंता करने के बजाय अपने गुणों और कार्यशैली पर ध्यान देना चाहिए।
तोमर ने कहा कि कार्यकर्ता को पद के पीछे नहीं भागना चाहिए। उसके गुणों और जनता की स्वीकार्यता के कारण उसका कद बढ़ना चाहिए। जब कार्यकर्ता का कद बढ़ता है तो संगठन का विस्तार भी होता है। इसलिए पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को इसी लक्ष्य के साथ काम करना चाहिए कि उसके व्यवहार, समर्पण और कार्यों से जनता के बीच पार्टी की स्वीकार्यता मजबूत हो।
राजनीति के पद अस्थायी, कार्यकर्ता का पद स्थायी
अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों को याद करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अटल जी कार्यकर्ताओं से कहा करते थे कि राजनीति के सभी पद अस्थायी होते हैं। ये पद आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ता का पद ऐसा है, जो कभी समाप्त नहीं होता। यदि कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा और योग्यता के साथ स्वयं को पार्टी का कार्यकर्ता बना ले तो अंतिम सांस तक कोई उससे यह पहचान नहीं छीन सकता।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पद और प्रतिष्ठा के बजाय संगठन, विचार और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता दें। जनता का विश्वास और स्वीकार्यता ही किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता की वास्तविक ताकत है।
गांवों से जुड़कर अटल जी ने समझी ग्रामीण भारत की जरूरत
नरेंद्र सिंह तोमर ने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल से जुड़ा अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और विकास में ग्रामीण भारत का योगदान किसी से छिपा नहीं है। जब अटल जी प्रधानमंत्री बने, तब देश के करीब छह लाख गांव सड़क संपर्क से वंचित थे। इन गांवों को सड़कों से जोड़ना बड़ी चुनौती थी।
उन्होंने कहा कि अटल जी ने इस समस्या को केवल प्रशासनिक दृष्टि से नहीं देखा, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं और संवेदनाओं को समझा था। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने व्यापक स्तर पर देश का भ्रमण किया था। इसी कारण उन्हें ग्रामीण भारत की वास्तविक परिस्थितियों की गहरी समझ थी।
तोमर ने कहा कि अटल जी की सोच थी कि विकास का काम केवल उन क्षेत्रों में नहीं होना चाहिए जहां से राजनीतिक समर्थन मिलता है, बल्कि शुरुआत वहां से होनी चाहिए जहां हमारा समर्थन नहीं है। इसी सोच के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वपूर्ण पहल संभव हुई। उन्होंने कहा कि देश के गांवों को सड़क से जोड़ने वाली इस योजना के कारण अटल बिहारी वाजपेयी को प्रधानमंत्री के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।
अटल जी की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम में नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज जरूरत अटल जी के व्यक्तित्व को केवल याद करने की नहीं, बल्कि उनके विचारों और कार्यशैली को अपने जीवन में उतारने की है। सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यह प्रयास करना चाहिए कि उसके काम से जनता का भरोसा मजबूत हो और संगठन की स्वीकार्यता बढ़े।
उन्होंने कहा कि पद स्थायी नहीं होते, लेकिन कार्यकर्ता के रूप में अर्जित विश्वास और सम्मान लंबे समय तक कायम रहता है। अटल जी ने अपने जीवन से यह साबित किया कि राजनीति में बड़ा बनने के लिए केवल पद जरूरी नहीं है, बल्कि विचारों के प्रति निष्ठा, संगठन के प्रति समर्पण और जनता के प्रति संवेदनशीलता आवश्यक है।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भाजपा प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, सांसद आलोक शर्मा, भोपाल की महापौर मालती राय, विधायक भगवान दास सबनानी, भाजपा प्रदेश महासचिव राहुल कोठारी, भाजपा जिलाध्यक्ष, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अटल जी की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा का अनावरण करते हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद किया तथा संगठन और समाज के प्रति समर्पण के साथ काम करने का संदेश दिया। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक विरासत केवल उनके पदों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनकी सादगी, लोकतांत्रिक सोच, संगठन के प्रति प्रतिबद्धता और जनता से जुड़ने की कार्यशैली आज भी सार्वजनिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा बनी हुई है।
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