भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के विकास, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि, महिला सशक्तिकरण और वन प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल को मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भोपाल-विदिशा मार्ग को 4-लेन करने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही भोपाल बायपास को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत वर्ष 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति भी दी गई है।

कैबिनेट ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय योजना के लिए 918 करोड़ रुपए, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 44,515.13 करोड़ रुपए और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपए की मंजूरी दी। वहीं किसान कल्याण वर्ष के तहत सीहोर जिले में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने का फैसला किया गया।

भोपाल-विदिशा मार्ग होगा फोरलेन, निवेश और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना के तहत भोपाल-विदिशा मार्ग की लंबाई 44.830 किलोमीटर है। इसे पेव्हड शोल्डर सहित 4-लेन बनाने के लिए 1,757 करोड़ 55 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग अयोध्या बायपास के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-146 पर सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाता है।

मार्ग भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर से होकर भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है। इस मार्ग की खास अहमियत इसलिए भी है क्योंकि रायसेन जिले का विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप इसी क्षेत्र में स्थित है। इसके अलावा कर्क रेखा भी इस मार्ग से होकर गुजरती है।

सरकार के अनुसार मार्ग के 4-लेन होने से भोपाल और विदिशा के बीच यातायात सुगम होगा और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। अधोसंरचना के विस्तार से आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

परियोजना के तहत कुल निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से वहन किया जाएगा। शेष 60 प्रतिशत राशि का भुगतान 15 वर्षों की संचालन अवधि में छह-माही एन्यूटी के रूप में राज्य बजट से किया जाएगा। भू-अर्जन, अन्य निर्माण पूर्व गतिविधियों और सुपरविजन चार्जेस के लिए 364 करोड़ 41 लाख रुपए की राशि भी राज्य बजट से उपलब्ध कराई जाएगी।

भोपाल बायपास को 6-लेन बनाने की तैयारी

कैबिनेट ने भोपाल बायपास के 4-लेन मार्ग को 6-लेन बनाने के दृष्टिगत 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति दी है। यह मार्ग करीब 51.963 किलोमीटर लंबा है और भोपाल को इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जिलों से जोड़ता है।

सरकार का मानना है कि बायपास के विस्तार से भोपाल शहर पर बढ़ता यातायात दबाव कम होगा और दूसरे जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर एवं सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। टोल से प्राप्त राशि राज्य राजमार्ग निधि में जमा की जाएगी, जिसका इस्तेमाल राज्य मार्गों के विकास और संधारण में किया जाएगा।

स्वास्थ्य, किसानों और महिलाओं के लिए बड़ी सौगात; 47,990 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जन-स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 47,990 करोड़ रुपए के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अकेले 44,515.13 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके अंतर्गत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, सिकल सेल, किशोर स्वास्थ्य, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, अंधत्व निवारण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा, मुफ्त दवा और जांच जैसी योजनाएं संचालित की जाती हैं।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और नॉन-एसईसीसी हितग्राहियों से संबंधित योजना के संचालन के लिए 12,123 करोड़ 81 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा और सफाई व्यवस्था के लिए 1,159 करोड़ 58 लाख रुपए तथा जिला स्तरीय अमले के लिए 654 करोड़ 84 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है।

संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को 918 करोड़, श्रमिकों के साथ रहवासियों को भी लाभांश

वन संरक्षण में स्थानीय भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश प्रदाय योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।

योजना के तहत काष्ठ के अंतिम पातन से प्राप्त बिक्री राजस्व की 20 प्रतिशत राशि संयुक्त वन प्रबंधन समिति को दी जाती है। बांस के विदोहन से प्राप्त शुद्ध लाभ का शत-प्रतिशत कटाई में लगे श्रमिकों को दिया जाता है। अब योजना में समिति से जुड़े क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश देने का प्रावधान किया गया है। इससे वन क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

महिला पुरस्कारों की राशि बढ़ी

महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के लिए रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने को मंजूरी दी गई है। वहीं वर्ष 2006 से दिए जा रहे रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि भी 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है।

इन पुरस्कारों के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज सेवा करने वाली महिलाओं को पहचान और प्रोत्साहन दिया जाएगा। इनमें गरीब, दिव्यांग, एकल महिला, गंभीर बीमारी से जूझ रही महिलाएं तथा एसिड, दहेज या घरेलू हिंसा जैसी परिस्थितियों से संघर्ष कर समाजसेवा करने वाली महिलाएं शामिल हैं।

सोयाबीन अनुसंधान संस्थान के लिए सीहोर में 20 हेक्टेयर जमीन

किसान कल्याण वर्ष के तहत कैबिनेट ने सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया है।

संस्थान के माध्यम से सोयाबीन की खेती, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में शामिल है, ऐसे में संस्थान की स्थापना से किसानों को नई तकनीक, अनुसंधान और कृषि विस्तार गतिविधियों का लाभ मिलने की उम्मीद है।

कृषि विश्वविद्यालय को 795 करोड़, खनिज विभाग को 2.50 करोड़

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795 करोड़ 59 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। यह राशि वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक वेतन, भत्ते, मानदेय, पेंशन और प्रशासनिक खर्चों के लिए ब्लॉक ग्रांट के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। विश्वविद्यालय के अंतर्गत 11 महाविद्यालय और 8 अनुसंधान केंद्र संचालित हैं।

वहीं खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 2026-27 से 2030-31 तक 2 करोड़ 50 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। प्रदेश में विभाग के 54 खनिज भवन हैं, जिनमें आवश्यक मरम्मत और रख-रखाव के कार्य किए जाएंगे।

देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच आयोग को मंजूरी

कैबिनेट ने देवास जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र में 14 मई 2026 को हुई पटाखा फैक्ट्री की अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय आयोग के संबंध में जारी अधिसूचना का अनुमोदन किया। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री सुभाष काकड़े की अध्यक्षता वाले आयोग का कार्यकाल तीन महीने बढ़ाकर 14 अगस्त 2026 तक किया गया है।

इसके अलावा मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के 63वें, 64वें और 68वें वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखने का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में जिन मामलों में आयोग की सलाह स्वीकार नहीं की गई है, उनसे संबंधित ज्ञापन भी विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

कुल मिलाकर मंत्रि-परिषद के फैसलों में राजधानी भोपाल की कनेक्टिविटी और अधोसंरचना से लेकर स्वास्थ्य, कृषि, वन प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं तक कई क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार के इन फैसलों से प्रदेश में सड़क नेटवर्क के विस्तार, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और किसानों व स्थानीय समुदायों को आर्थिक एवं संस्थागत समर्थन मिलने की उम्मीद है।