बारिश ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल: सीएम के दौरे से ठीक पहले जलमग्न हुआ टीकमगढ़, VIP रूट चमका लेकिन बाकी शहर बदहाल
​टीकमगढ़। हल्की सी बारिश ने एक बार फिर टीकमगढ़ नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों की हवा निकाल दी है। महज कुछ ही देर की मूसलाधार बारिश के चलते शहर की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं शासकीय कार्यालयों के परिसरों में भी घुटनों तक पानी भर गया। जलजमाव की इस स्थिति ने नगर में ड्रेनेज और जल निकासी की पुरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
​सबसे बड़ा विषय यह है कि कल ही मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का टीकमगढ़ दौरा प्रस्तावित है। ऐसे में बारिश के कारण बनी यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्थाओं और शहर की छवि को धूमिल कर रही है।
​VIP रूट की चमक बनाम आम रास्तों की बदहाली: मुख्यमंत्री जिस मार्ग से गुजरने वाले हैं, उसे प्रशासन ने आनन-फानन में दुरुस्त और चकाचौंध कर दिया है। लेकिन इसके ठीक विपरीत, शहर के अन्य अंदरूनी मार्गों और आम जनता के आवागमन वाले रास्तों की हालत अत्यंत दयनीय और बद से बदतर हो चुकी है।
​सालों पुरानी अनदेखी: नगर में जल निकासी की समस्या कोई नई बात नहीं है। यह स्थिति कई वर्षों से लगातार बनी हुई है, फिर भी हर बार जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी दावों तक ही सीमित रहते हैं।
​प्रशासन अब सीएम के दौरे को देखते हुए आनन-फानन में व्यवस्थाएं ठीक करने का दिखावा कर सकता है, लेकिन इस बेमौसम बारिश ने साफ कर दिया है कि नगर सुधार के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर क्यों सालों से इस समस्या का कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता? क्या प्रशासन की नींद केवल VIP दौरों के समय ही खुलती है