भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा सरकार पर छोटा सत्र बुलाकर चर्चा से बचने के आरोप लगाए जाने के बाद प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। सारंग ने कांग्रेस विधायकों की भूमिका, विधानसभा की कार्यवाही और विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने पिछले विधानसभा सत्रों का रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक सदन का उपयोग जनहित के मुद्दों को उठाने के बजाय केवल राजनीतिक चेहरा चमकाने के लिए करते हैं।

मंत्री विश्वास सारंग ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि पिछले विधानसभा सत्रों में उसने कितनी बार सदन का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग किया है। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस एक भी ऐसा सत्र बता दे, जिसमें उसके विधायकों ने विधानसभा का सदुपयोग किया हो।

सारंग ने कहा कि जब भी विधानसभा का सत्र चलता है, कांग्रेस केवल नकारात्मक बातें करती है। कांग्रेस विधायक सदन की कार्यवाही का उपयोग जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विधानसभा सत्र का सदुपयोग करती है और सदन की कार्यवाही को गंभीरता से लेती है।

मंत्री ने कांग्रेस के संगठनात्मक अनुशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस विधायक दल में अनुशासन नहीं है और जहां नेता प्रतिपक्ष को ही नेता के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता, उस विधायक दल को सरकार पर इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपने भीतर झांकना चाहिए। सारंग के इस बयान को पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है।